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बीघापुर तहसील में समाधान दिवस: 43 शिकायतें, मौके पर सिर्फ 4 का निस्तारण
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स्वतंत्र हित / संवाददाता
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बीघापुर (उन्नाव)। शासन के निर्देश पर जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए आयोजित होने वाला संपूर्ण समाधान दिवस बीघापुर तहसील में एक बार फिर व्यवस्था की धीमी रफ्तार को उजागर करता नजर आया। उप जिलाधिकारी रणवीर सिंह की अध्यक्षता में आयोजित समाधान दिवस में कुल 43 शिकायतें दर्ज की गईं, लेकिन मौके पर केवल 4 मामलों का ही निस्तारण हो सका। शेष शिकायतों को संबंधित विभागों को सौंपकर कार्रवाई का आश्वासन दिया गया।
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प्राप्त शिकायतों में राजस्व विभाग की 19, पुलिस विभाग की 12, विकास विभाग की 3 और अन्य विभागों की 9 शिकायतें शामिल रहीं। फरियादी अपनी समस्याएं लेकर उम्मीद के साथ पहुंचे, मगर अधिकांश को तत्काल समाधान की बजाय केवल आश्वासन ही मिला। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब समाधान दिवस का उद्देश्य मौके पर समस्याओं का निस्तारण करना है, तो फिर अधिकतर मामलों को लंबित क्यों छोड़ दिया गया।
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ग्राम पुरंदरपुर के पूर्व प्रधान उदयभान सिंह ने बिजली का खंभा गिरने से तारों के जमीन पर पड़े होने की शिकायत दर्ज कराई। यह स्थिति किसी बड़े हादसे को दावत दे सकती है, लेकिन जिम्मेदार विभाग की सुस्ती अब भी बरकरार है। वहीं राजापुर पिपराहा निवासी सुरेश कुमार ने गांव में एक व्यक्ति द्वारा तालाब पाटकर बंजर भूमि पर कब्जा करने का आरोप लगाया। ऐसे मामलों में कार्रवाई की धीमी रफ्तार से ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति असंतोष बढ़ता जा रहा है।
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उप जिलाधिकारी रणवीर सिंह ने संबंधित अधिकारियों को शिकायतों के समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए। हालांकि बड़ा सवाल यह है कि जिन विभागों पर लगातार लापरवाही के आरोप लगते रहे हैं, उनके खिलाफ आखिर क्या ठोस कार्रवाई होगी। यदि समय रहते समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो संपूर्ण समाधान दिवस भी महज औपचारिकता बनकर रह जाएगा।
समाधान दिवस में तहसीलदार गणेश सिंह, पूर्ति निरीक्षक मनोज राजवंशी, कानूनगो अजय प्रताप सिंह, दिनेश कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।
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